Sample 5 - ||| Anuvaad Communication, Vaishali, Ghaziabad |||

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Sample 5

Translation Sample
Text in English
Modiji, my maid Tarabai had a bank account which she never used. Then it turns out she also has a Jan dhan with zero balance that she calls the gas account. She is thoroughly confused. I've asked her to bring both pass books so that I can solve this problem which she expresses as two banks next to each other. Day before she and her son spent 4 hours in the wrong line and came back empty handed.

Yesterday the lady in one of the accounts asked her to put 1500 into the account to make it active. They have said she cannot get a cheque book because she is angoota chaap. They can give her an ATM card which she is terrified to operate. I bravely told her I will show you how. Never give your password I warned. Now I have a dilemma. She cannot read. How will she read the instructions on the ATM screen? Will have to get her to count the boxes and press. I guess.

How many Taras in Mumbai? How many have a boss to help? How many in rural areas?

Modiji not all the money banked by the poor or for that matter the rich is black. Many of us pay more taxes than you have paid in a lifetime. Many of us have never dealt or taken the privileges of blank money like you did with your elections in 2014. So please don't laugh, clap your hands or give us hubris soaked lectures on white money ! Or try to champion honesty. Baksh do hame.

Modiji not everyone in india is literate. Not everyone has who has your Jan dhan account has money to put in it as most spend what they earn in 20 days and are on perennial rolling loans.

Modiji not everyone can access their money electronically unless you provide voice ATMs and a social worker per bank. Why aren't we seeing your RSS brigade and party workers helping in banks?

Modiji if you hand over debit cards and don't educate them someone will rob them blind. So all this is also linked to education, awareness and being vigilant.
You should have done first things first no?
Translated Text in Hindi
मोदी जी, मेरी नौकरानी ताराबाई का एक बैंक खाता है जिसका उपयोग उसने कभी नहीं किया। अब पता चला कि उसका शून्य बैलेंस वाला एक जनधन खाता भी है जिसे वह गैस अकाउंट कहती है। उसकी बातों से लगता है कि वह पूरी तरह भ्रमित है। मैंने उससे कहा कि दोनों पासबुक लाकर दिखाए ताकि कुछ समझ में आए। परसों उसने अपने बेट के साथ बैंक की गलत लाइन में चार घंटे गुजारे और खाली हाथ लौट आई।

कल उसके एक खाते वाले बैंक में किसी महिला ने उससे कहा कि खाते में 1500 रुपए जमा करे जिससे खाता "सक्रिय" हो सके। बैंक वालों ने उसे चेकबुक देने से मना कर दिया है क्योंकि वह अंगूठाछाप है। वे उसे एटीएम कार्ड देने के लिए तैयार हैं। पर वह एटीएम मशीन चलाने के नाम से आतंकित है। मैंने उसे हिम्मत दिलाई है और कहा है कि चलाना सीखा दूंगी। चेतावनी दे दी है कि एटीएम का पिन किसी को न बताना। पर अब मैं एक दुविधा में हूं। वह पढ़ नहीं सकती है। एटीएम स्क्रीन पर जो निर्देश लिखा आएगा उसे वह कैसे पढ़ेगी? मैं समझती हूं कि उससे लाइनें गिन कर बटना दबाना सीखा दूं।

अकेले मुंबई में कितनी तारा होगी? और देश भर में? कितनों की मालकिन उनकी सेवा करेंगी या कर पाएंगी?

मोदी जी, ऐसा नहीं है कि बैंक में गरीबों या अमीरों का भी जो पैसा है वह कालाधन ही है। हममें से कई लोग इतना टैक्स देते हैं जितना आपने अपने जीवन भर में दिया होगा। हममें से कइयों ने कभी काले धन का उपयोग नहीं किया है ना उसका लाभ उठाया है जैसे आपने पिछले चुनाव में उठाए। इसलिए, कृपया हंसे नहीं, ताली न बजाएं और न सफेद धन पर भाषण पिलाएं ! या ईमानदारी का पाठ पढ़ाने की कोशिश करें। बख्श दें हमें।

मोदी जी, भारत में हर कोई पढ़ा-लिखा नहीं है। ना ही आपके जनधन खाते वाले हर किसी के पास उसमें रखने के लिए पैसे हैं क्योंकि ज्यादातर लोग जो कमाते हैं 20 दिन में ही खर्च हो जाता है। और निरंतर कर्ज में जीते हैं। एक से लेकर दूसरे का कर्ज उतारते हैं।

मोदी जी, हर कोई मशीन से पैसे नहीं निकाल सकता है। इसके लिए बोलने वाली मशीनें होनी चाहिए। या फिर हरेक एटीएम पर एक सहायक हो। आपका आरएसएस ब्रिगेड कहां है। पार्टी कार्यकर्ता बैंकों में सहायता पहुंचाते क्यों नहीं नजर आ रहे हैं?

मोदी जी, अगर आप इन गरीब अनपढ़ लोगों को आवश्यक शिक्षा दिए बगैर डेबिट कार्ड दे देंगे तो कोई उन्हें दिन दहाड़े लूट लेगा। इसलिए, सारा मामला शिक्षित, जागरूक और चौकस होने से भी जुड़ा है।
आपको समझ नहीं है कि पहले क्या करना जरूरी है?

 
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