Sample 2 - ||| Anuvaad Communication, Vaishali, Ghaziabad |||

Search
Go to content

Main menu:

Sample 2

Translation Sample
Text in English

HOW TO KEEP YOUR HEART HEALTHY

There are a number of measures you can take to reduce your risks of developing a heart disease in the future. Here are a few key preventive steps you can take to maintain a healthy heart.

QUIT SMOKING
It is no shocker that smoking increases your risk of heart diseases. Even if you are an occasional smoker, Nicotine and other harmful chemicals harm the heart and blood vessels. Smoking leads to narrowing of the arteries (atherosclerosis), which can ultimately results in a heart attack. The sooner you decide to quit smoking, the better it will be for your heart.

EXERCISE DAILY
Exercising daily for about 30 to 60 minutes not only makes you look and feel great, but it also keeps your heart in check. Working out daily helps you maintain your appropriate weight and also reduces the chances of developing other conditions that may put a strain on your heart, such as high blood pressure, high cholesterol and diabetes.

EAT HEALTHY
To maintain a healthy heart it is essential to eat a well balanced diet. A diet rich in friuits, vegetables, dry fruits and whole grains can help protect your heart. Food rich in sources of protein and low in fat such as, fish and beans can also help reduce risks of heart disease. Avoid products, which are high in saturated, and trans fat such as, red meat, dairy products, deep-fried fast foods.  

SUFFICIENT SLEEP
It is mandatory for a human body to get 6 - 8 hours of sleep daily. People who don’t get enough sleep increase their risks of obesity, high blood pressure, diabetes and also heart attack. One doesn’t give enough importance to a healthy sleep pattern; it is something that most of us take for granted. We must not take this lightly. We do not realize that sleep deprivation eventually leads to higher risks of heart related problems.

HEART DISEASE RISK CALCULATOR
According to the Centers for Disease Control and Prevention (CDC), heart disease is the leading cause of death in both men and women.  The statistics are alarming; one must calculate and track their risk factors, only then will you be able to determine how aggressive you need to be in altering your lifestyle and treatments. One can monitor the heartbeat is by using an ELR (external loop recorder) device – which records the heart rate over a period of time and helps gauging the risk of arrhythmia.

MAINTAIN BLOOD SUGAR LEVELS
Diabetes takes a severe toll on the heart too and has been well described as a cardiovascular risk factor. Indians face a dual risk of heart disease and diabetes. Diabetics have a different heart anatomy and other existing health conditions; their arteries are smaller and often tortuous, with longer lesions & diffuse disease which results in a higher rate of treatment failures. And it is a known fact that diabetics take longer time to heal in case of any disease or ailment. If a diabetic is diagnosed of CVD and has critical coronary artery disease, he may require the only US FDA approved drug eluting stent, which is an effective and quick treatment to treat blocked arteries in diabetic patients.

Translated Text in Hindi

अपने हृदय को स्वस्थ कैसे रखें


भविष्य में हृदय की बीमारी का जोखिम कम करने के लिए आप कई उपाय कर सकते हैं। हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए यहां कुछ उपाय दिए जा रहे हैं जिन्हें आप अपना सकते हैं।

धूम्रपान छोड़ दीजिए
यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि धूम्रपान से हृदय की बीमारी का आपका जोखिम बढ़ता है। अगर आप कभी-कभी धूम्रपान करते हैं तब भी निकोटिन और दूसरे नुकसानदेह रसायन हृदय और रक्तकोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान से धमनिया संकरी हो जाती है (एथ्रोसिलेरोसिस) जो आखिरकार का कारण बन सकता है। इसलिए आप जितनी जल्दी धूम्रपान छोड़ने का निर्णय करें आपके हृदय के लिए यह उतना ही बेहतर होगा।   

रोज व्यायाम करें
रोज 30 से 60 मिनट तक व्यायाम करने से ना सिर्फ आप देखने में अच्छे लगते हैं और अच्छा महसूस करते हैं बल्कि आपका हृदय भी ठीक रहता है। रोज व्यायाम करने से आपको अपना वजन ठीक रखने में सहायता मिलती है और ऐसी स्थितियों यथा उच्च रक्तचाप, उच्च कॉलस्ट्रॉल और डायबिटीज का विकास होने की आशंका कम हो जाती है जिससे आपका हृदय तनाव में रहे।

स्वस्थ खाइए
हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि अच्छी तरह संतुलित भोजन किया जाए। फलों, सब्जियों, मेवों और संपूर्ण अनाज से समृद्ध आहार आपको अपने हृदय की रक्षा करने में सहायता कर सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थ जो प्रोटीन के स्रोत से समृद्ध हों और जिनमें वसा कम हो जैसे मछली और बीन्स से हृदय की बीमारी का जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है। ऐसे उत्पादों से बचिए जिनमें संतृप्त और ट्रांस फैट (वसा) ज्यादा है जैसे लाल मांस (बकरे और भैंस आदि का मांस), दूध के उत्पाद, तले हुए फास्ट फूड आदि।  

पर्याप्त नीन्द
मानव शरीर के लिए यह आवश्यक है कि उसे 6 से 8 घंटे की अच्छी नीन्द रोज मिले। जो लोग पर्याप्त नहीं सोते हैं उन्हें मोटापे, उच्च रक्त चाप, डायबिटीज और दिल का दौरा (हार्ट अटैक) का डर रहता है। आम तौर पर हमलोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि अच्छी नीन्द है। यह ऐसी चीज है जिसे हममें से ज्यादा लोग निश्चित मानते हैं। पर हमें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हम यह नहीं समझते हैं कि कम सोने से आखिरकार हृदय से संबंधित समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।  

हृदय की बीमारी के जोखिम की गणना
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, हृदय की बीमारी पुरुषों और महिलाओं - दोनों की मौत के अग्रणी कारणों में है। आंकड़े चिन्ताजनक हैं। हमें अपने जोखिम घटक की गणना और उनका हिसाब रखना चाहिए। इसके बाद ही आप तय कर पाएंगे कि जीवनशैली या उपचार में संशोधन की आवश्यकता कितनी गंभीर है। अपने हृदय की धड़कन पर आप एक्सटर्नल लूप रिकॉर्डर (ईएलआर) के उपयोग से नजर रख सकते हैं। यह एक निश्चत समय तक आपके हृदय के धड़कन की दर रिकॉर्ड करता है और एरीथमिया के जोखिम का आकलन करने में सहायता करता है।   

ब्लड शुगर लेवल ठीक रखिए
डायबिटीज से हृदय को भी भारी नुकसान होता है और इसे कार्डियोवस्कुलर जोखिम घटक ठीक ही कहा गया है। भारत में लोग हृदय की बीमारी और डायबिटीज के दोहरे जोखिम का सामना करते हैं। डायबिटीज के मरीजों के हृदय की संरचना और मौजूदा स्वास्थ्य की अन्य स्थितियां भी अलग होती है। इनकी धमनियां संकरी और अक्सर दुर्गम होती हैं। घाव बड़े और बीमारी बिखरी हुई होती है। इसका नतीजा यह होता है कि उपचार की नाकामी के मामले ज्यादा होते हैं। और यह जानी हुई बात है कि डायबिटीज के रोगियों को कोई जख्म या बीमारी हो तो ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। अगर किसी
 डायबिटिक को सीवीडी होने का पता चले और उसे गंभीर कॉरोनरी आर्टरी डिजीज हो तो उसे सिर्फ अमेरिकी एफडीए स्वीकृत ड्रग एल्युटिंग स्टेंट की आवश्यकता हो सकती है जो कि डायबिटीज के
मरीजों की बाधित धमनियों के उपचार का प्रभावी और द्रुत उपचार है।  

 
Copyright 2015. All rights reserved.
Back to content | Back to main menu